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अयोध्या: सतीश मिश्र का ऐलान, बसपा सरकार में आई तो चंदे की एक-एक पाई का हिसाब होगा

अशाेक यादव, लखनऊ। बसपा ने रामनगरी अयोध्या शुक्रवार को ब्राह्मण सम्मेलन का नाम बदलकर प्रबुद्ध समाज के सम्मान, सुरक्षा व तरक्की विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी के जरिये 2022 के विधान सभा चुनाव का शंखनाद कर दिया। विचार गोष्ठी के मुख्य अतिथि बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चन्द्र मिश्र ने रामनगरी अयोध्या पहुंचकर सबसे पहले रामलला के दरबार में हाजिरी लगायी उसके बाद हनुमानगढ़ी के दर्शन व सरयू का पूजन कर संतो का आशीर्वाद लिया। जिसके बाद वह देवकाली बाईपास स्थित ताराजी रिसॉर्ट में आयोजित प्रबुद्ध वर्ग की विचारं गोष्ठी में शामिल हुए जहां वह भाजपा सरकार पर जमकर बरसे।

बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चन्द्र मिश्र ने कहा कि बीते 20 साल में भाजपा व उसके सहयोगियों ने मंदिर के नाम पर लाखों करोड़ों रुपये चंदा जमा किया है। यह रुपये कहां गए, इसका किसी के पास हिसाब नहीं है। आज जब मंदिर बनने वाला है तो इन लोगों ने फिर से चंदा मांगना शुरू कर दिया है। क्या बिना चंदे के मंदिर निर्माण नहीं हो सकता? उन्होंने कहा कि 2022 में बसपा की सरकार बनने पर चंदे की एक-एक पाई का हिसाब लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से 2007 के बीच प्रदेश का ब्राह्मण समाज हाशिए पर था तब हमने सोचा था कि जिस समाज में हमने जन्म लिया है, उसके लिए कुछ करना चाहिए। तब हमने ब्राह्मणों का खोया सम्मान वापस दिलाने की शपथ ली थी।

उन्हें जागृत किया गया और बताया गया कि वह भले ही प्रदेश में 13 फीसदी हैं, लेकिन वह अगर एक हो जाएंगे तो उन्हें कोई नजरअंदाज नहीं कर सकता। वर्ष 2007 में ऐसा ही हुआ भी जब 13 फीसदी ब्राह्मण और 23 फीसदी दलित ने मिलकर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई। बहन जी ने चुनाव से पहले ही कहा था कि जिसकी जितनी तैयारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी। अपनी बात पर कायम रहते हुए उन्होंने सरकार बनने के बाद 15 ब्राह्मणों को मंत्री, 35 को राज्यमंत्री का दर्जा, 15 को विधान परिषद सदस्य बनाया। इसके साथ ही प्रदेश के मुख्य सचिव, डीजीपी समेत अन्य प्रमुख पदों पर ब्राह्मण अधिकारी को तैनात किया गया। यही नहीं इस चुनाव में 45 ब्राह्मण विधायक भी बने थे। उन्होंने ब्राह्मण समाज से अपील की कि आप भगवान परशुराम व चाणक्य के वंशज हैं,  मन से भय निकालो। बंटवारा भूल जाओ, तभी बड़ी शक्ति बनोगे।

उन्होंने कहा कि तिलक-तराजू और तलवार जैसे नारे का प्रयोग बसपा ने कभी नहीं किया, जबकि इसका प्रयोग कर भाजपा प्रबुद्ध वर्ग का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में फिल्मी स्टाइल में एनकाउंटर हो रहे हैं पहले रोको फिर जात पूंछो उसके बाद ठोंक दो। बीते साढ़े चार साल में प्रदेश में गाड़ी फिसलने व शूटआउट में 400 से ज्यादा ब्राह्मणों की हत्या की गई है, उन्नाव का कांड व लखनऊ का विवेक तिवारी कांड इसका मुख्य उदाहरण है। सरकार बनने पर इन सभी एनकाउंटरों को पूरा हिसाब लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि खुशी का क्या कसूर था, शादी के दो दिन बाद पुलिस ने उसके साथ बर्बरता करते हुए अरेस्ट कर लिया और जेल में ठूंस दिया। बाद में उसके नाबालिग साबित हो जाने के बाद उसे बाराबंकी भेज दिया गया।

यही नहीं उसे जमानत न मिले इसके लिए अधीक्षिका से पत्र लिखवाया गया कि दो कमरों में 48 लड़कियां हैं जिनमें 47 लड़कियां कहती हैं कि खुशी उन्हें धमकी देती है। बसपा महासचिव ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम, बजरंगबली व मां सरयू का पूजन करने के दौरान उनसे निवेदन किया कि प्रभु सरकार में बैठे लोगों को सदबुद्धि दें। वह समाज को न बांटे, ब्राह्मणों-दलितों का सम्मान करें, उनका उत्पीड़न न करें। गोष्ठी में पूर्व मंत्री नकुल दुबे, पूर्व मंत्री डॉ. ओमप्रकाश तिवारी, पूर्व मंत्री राम किशोर सिंह, एमएलसी दिनेश चन्द्रा, पूर्व विधायक पवन पाण्डेय, करूणाकर पाण्डेय, जिलाध्यक्ष महेन्द्र आनंद, पूर्व विधायक भगेलूराम, बाबू रामकरन, एमएलसी धर्मवीर सिंह शरद पाण्डेय, रामकृपाल आर्य, मुस्तफा अली, अली सईद, सोनू पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में बसपाई मौजूद रहे।

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