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स्मार्टफोन और लैपटॉप की Battery लाइफ से हैं परेशान,अपनाए ये टिप्स

अशाेेेक यादव, लखनऊ। आज के समय में दुनिया इतनी आगे बढ़ चुकी है की अब उसे बड़े-बड़े काम को अंजाम देने के लिए सेकंड भर लगता है।आप चाहे लैपटॉप का इस्तेमाल करते हो या फिर स्मार्टफोन सभी हाई-रिज़ॉल्यूशन वाले बड़े डिस्प्ले, पावरफुल प्रोसेसर के साथ आते हैं।

जिससे मुश्किल काम को भी आसानी से पूरा किया जा सकता है। लेकिन जब हम इतने हाई-टेक गैजेट पर काम करते है तो हमें इसका खयाल भी रखना चाहिए। चाहे आप स्मार्टफोन, टैबलेट या फिर लैपटॉप इस्तेमाल करते हों। ये टिप्स आपके डिवाइस की बैटरी लाइफ बढ़ाने में मदद करेंगे।

बैटरी को ऊंचे तापमान में इस्तेमाल करना, इसकी साइकलिंग से भी ज्यादा परेशान करने वाला हो सकता है। बैटरी यूनिवर्सिटी का कहना है कि ज्यादा तापमान और बढ़ती उम्र धीरे-धीरे बैटरी की परफॉर्मेंस को कम कर देते हैं।

कम तापमान (30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर के तापमान को ज्यादा माना जाता है) में डिवाइस का इस्तेमाल करने से उसकी लाइफ साइकल बेहतर होगी। टेस्टिंग में पाया गया है कि तीन महीने के लिए बैटरी को 60 डिग्री तापमान में इस्तेमाल करने पर परफॉर्मेंस 60 फीसदी तक पहुंच जाती है।

40 डिग्री तापमान में 65 फीसदी पर। आप अपने डिवाइस को गर्मी से बचाने की कोशिश करें, जैसे कि तपती गर्मी में अपने मोबाइल को कार के डैशबोर्ड पर छोड़ने की गलती ना करें।

हाल ही में आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फेसबुक ऐप आईफोन की बैटरी को जल्दी खत्म कर देता है क्योकि यह बार-बार जीपीएस मॉड्यूल का इस्तेमाल करके यूज़र की लोकेशन जानता रहता है। ऐसे में जिन ऐप को आपके लोकेशन की ज़रूरत नहीं है, उनके लोकेशन ट्रैकिंग को ऑफ कर देने से ज़रूर मदद मिलेगी।

बैटरी यूनिवर्सिटी के द्वारा दिए गए एक शानदार सुझाव को मैराथन के उदाहरण से समझा जा सकता है। बैटरी को 100 फीसदी से सीधे ले जाकर शून्य पर खत्म करने से बेहतर है कि आप इसे 50 फीसदी तक ही डिस्चार्ज़ होने दें। 30 से 80 फीसदी के बीच का क्रम बनाए रखें। ऐसा करने से आपके बैटरी की डिस्चार्ज़ साइकिल तीन गुनी बढ़ जाएगी।

आमतौर पर कोई भी एक्शन जिससे प्रोसेसर या बैंडविथ पर दबाव पड़ता है, वह ज्यादा ही सीपीयू पावर लेगा। सबसे बेहतर यही होगा कि यह एक्शन आम तौर पर स्थिर रहे और मोबाइल डेटा इंटरनेट के बजाय वाई-फाई का इस्तेमाल करे।

ऐसे मे सबसे सही फैसला यही होगा कि आप अपने ऐप्स अपडेट को सिर्फ वाई-फाई पर शेड्यूल करें। अगर आपके डिवाइस में विकल्प मौजूद है तो सिर्फ चार्ज़ होते वक्त इसे शेड्यूल कर सकते हैं।

सभी एंड्रॉयड फोन में बैटरी सेवर मोड मौजूद नहीं है। अगर आप एंड्रॉयड 5.0 या उसके बाद के वर्ज़न को इस्तेमाल कर रहें तो आपके डिवाइस पर इस मोड के मौजूद रहने की संभावना ज्यादा है। जैसे ही आपके फोन की बैटरी 15 फीसदी पर पहुंचती है, यह अपने आप एक्टिव हो जाता है।

यह बैकग्राउंड ऐप रिफ्रेश, लोकेशन ट्रैकिंग और सिंक एक्टिविटी को बंद कर देता है, ताकि बैटरी लाइफ बचाई जा सके। एंड्रॉयड मार्शमैलो डोज़ फीचर के साथ आता है। अगर आप अपने फोन लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं करते हैं तो यह फ़ीचर आपके फोन को डीप स्लो मोड में भेज देता है।

इस फ़ीचर के कारण स्टैंडबाय टाइम दोगुना हो जाता है। अगर आप पुराने वर्ज़न वाले एंड्रॉयड फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको यह फ़ीचर नहीं मिलेगा।

अगर आपका फोन सेलुलर टावर के नजदीक नहीं है तो इसका असर स्टैंडबाय टाइम पर भी पड़ेगा। अगर आप ऐसी जगह पर हैं जहां कोई नेटवर्क नहीं है तो बेहतर होगा कि फोन में एयरप्लेन मोड (फ्लाइट मोड) एक्टिव कर लें। आपका फोन ऐसी जगहों पर बार-बार नेटवर्क तलाश करेगा जिसका असर बैटरी लाइफ पर पड़ेगा।

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