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विपक्ष को शांत करने के लिए वेंकैया नायडू को लोकसभा में गाना पड़ता था ये गाना….

नई दिल्ली: बीजेपी के वरिष्ठ नेता वेंकैया नायडू (Venkaiah Naidu) को एनडीए ने उपराष्ट्रपति पद (Vice Presidential Elections 2017) के लिए उम्मीदवार बनाया है. इसके साथ ही सोशल मीडिया से लेकर गूगल तक में वेंकैया नायडू काफी सर्च किए जा रहे हैं. लोग इनके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं. उनके राजनीतिक जीवन के बारे में ज्यादातर जानकारी तो लोगों को पहले से मालूम है, लेकिन उनके जीवन से जुड़ी कुछ यादगार किस्सों के बारे में लोग जानना चाह रहे हैं. बीजेपी को कई मुश्किल मौकों पर विपक्ष के हमलों से बचाने वाले 68 वर्षीय वेंकैया नायडू ने एक बार लोकसभा में बतौर मंत्री बोलते हुए ‘गाना गाकर’ विपक्ष को शांत कराया था.
दरअसल, केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद एक बार लोकसभा में बहस चल रही थी. विपक्ष लगातार हंगामा कर संसद सत्र नहीं चलने दे रहा था. इस बात से वेंकैया नायडू काफी गुस्से में आ गए. वे अपनी सीट पर खड़े हुए और लोकसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे पर निशाना साधा. नायडू ने कहा, ‘आपकी संख्या कितनी है जो केवल आप ही अपनी बात कहना चाहते हैं, शायद आपलोगों ने बचपन की एक घटना से कोई सबक नहीं लिया. हम ग्रामोफोन सुना करते थे, जब उसका पिन अटक जाता तो वह कुछ यूं आवाज करता चंदामामा…चंदामामा…, आप लोग ठीक वैसे ही हैं जैसे किसी एक बात पर अटक गए हैं और उसकी ग्रामोफोन की तरह ‘चंदामामा’ कर रहे हैं.’नायडू के इतना बोलते ही पूरे सदन में ठहाके लगे और कुछ देर के लिए सदन शांत हो गया. इसके बाद सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चल सकी.

मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सोमवार शाम को हुई बीजेपी की अहम बैठक में उनके नाम पर मुहर लगाई गई. बैठक के बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि नायडू के नाम पर पूरा एनडीए एकमत है.अमित शाह ने कहा कि एक किसान परिवार से आने वाले वेंकैया नायडू ने छोटे पदों से आगे बढ़ते हुए देश की सेवा की. उन्होंने कहा कि  वेंकैया नायडू आज देश के वरिष्ठतम नेताओं में से एक है, इसलिए एनडीए ने एक सुर में उनके नाम का स्वागत किया है. उन्‍होंने बताया कि नायडू मंगलवार सुबह 11 बजे नामांकन दाखिल करेंगे.
वेंकैया नायडू पहले से ही इस पद के लिए प्रत्याशी बनाए जाने की दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे थे. यह फैसला प्रधानमंत्री को करना था कि वह अपने मंत्रिमंडल में से एक कैबिनेट सदस्य को कम कर सकते हैं या नहीं. माना जा रहा है कि इसी वजह से राष्ट्रपति चुनाव के लिए भी किसी कैबिनेट मंत्री को नहीं चुना गया था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पिछले सप्ताह बैठक कर उपराष्ट्रपति पद के प्रत्याशी को लेकर विचार-विमर्श किया था.

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