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बच्चों की मौत का कलंक धोने का स्वच्छता अभियान

लखनऊ:  हाल ही में गोरखपुर में 65 बच्चों की मौत का कलंक उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार स्वच्छता अभियान का ठोंग कर के साफ करने का भरसक प्रयास कर रही है। जब बच्चों की मौत पर उनसे कुछ न हो सका तो, मुख्यमंत्री अजय सिंह बिष्ट ने आज गोरखपुर के गोरखनाथ क्षेत्र में मलिन बस्ती अंधियारीबाग मोहल्ले से ’’स्वच्छ उत्तर प्रदेश, स्वस्थ उत्तर प्रदेश’’ के तहत स्वच्छता अभियान की शुरुआत कर दी। इस अवसर पर उन्होंने बाबा साहब डाॅ0 भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा मलिन बस्ती की सड़कों पर झाड़ू लगाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित किया।
इस अवसर पर वहां पर उपस्थित जनसमूह हो सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता जेई/एईएस बीमारी से बचाव के लिए एक अच्छा उपाय है। जेई/एईएस बीमारी के तथ्यों की जांच करने पर ज्ञात हुआ कि इसका प्रमुख कारण गंदगी एवं दूषित जल है। स्वच्छता से जेई/एईएस के विषाणुओं को पनपने से रोकने में काफी मदद मिलेगी, जिससे मासूम बच्चों की असमय होने वाली मौत पर काबू पाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इंसेफलाइटिस बीमारी से बचाव के लिए 38 जनपदों में 93 लाख बच्चों का टीकाकरण किया गया है।
मुख्यमंत्री  ने कहा कि 31 दिसम्बर, 2017 तक जनपद गोरखपुर को तथा 02 अक्टूबर, 2018 तक प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त (ओ0डी0एफ0) करने की समय सीमा तय की गयी है। प्रदेश में सरकार बनने के बाद से ही लगातार लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए कार्य किया जा रहा है। ओ0डी0एफ0 अभियान के तहत खुले में शौच से मुक्त करने के तहत गंगा के तट पर बसे गांवों को ओ0डी0एफ0 करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता का एक विशेष अभियान चलाकर डेंगू व कालाजार जैसी भयानक बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छ उत्तर प्रदेश का एक विशेष अभियान 17 से 25 अगस्त, 2017 तक चलाया जा रहा है। इस अभियान में आमजन की सहभागिता बहुत महत्वपूर्ण है।
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