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प्रिंसिपल सस्पेंड, सप्लायर भागा

गोरखपुर। गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कालेज में ऑक्सीजन की कमी से हुई 63 मौतों के बाद सरकार ताबड़तोड़ कदम उठा रही है। ताजा जानकारी के अनुसार सरकार ने अस्पताल के चीफ को सस्पेंड कर दिया है। वहीं सभी दलों के नेताओं के अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रीय पटेल स्वास्थ्य सचीव के साथ गोरखपुर पहुंच गईं हैं।

 

मीडिया को इसकी जानकारी देते हुए राज्य के स्वास्थ्य शिक्षा मंत्री टंडन ने कहा कि हमने काम में लापरवाही के चलते कॉलेज के प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। वहीं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा है कि बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण नहीं हुई है।

दूसरी तरफ पीएओ ने ट्वीट करते हुए जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री कार्यालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है साथ ही राज्य और केंद्र के जिम्मेदार अधिकारियों से लगातार संपंर्क में है।

इससे पहले घटना के बाद राजनीतिक दलों के नेताओं के विरोध और धरने की संभावनाओं के चलते अस्पताल की सुरक्षा कड़ी कर दी गई। घटना की जांच के आदेश दे दिए गए वहीं पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी पुष्पा सेल्स पर छापा मारा। लेकिन खबर है कि कंपनी का मालिक फरार हो गया है।

इससे पहले अस्पताल की तरफ से आई एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि पिछले 5 दिनों में अस्पताल में 63 मौते हो चुकी हैं।

हालांकि प्रशासन इस बात से इन्कार कर रहा है कि यह मौतें आक्सीजन की कमी से हुई हैं। मीडिया में आई मेडिकल कॉलेज के एनएचएम वार्ड नं 100 के नोडल अधिकारी की रिपोर्ट में बताया गया है कि 7 अगस्त को अस्पताल में 9 लोगों की मौत हुई जिसके बाद 8 तारीख को 12, 9 तारीख को 9, 10 तारीख को 23 और 11 तारीख को 7 मरीजों की मौत हो गई। दावा है कि 11 तारीख को चिकित्सकीय कारणों से 7 मरीजों की मौत हुई है।

ऑक्सीजन की कमी की दी गई थी जानकारी

पूरे घटनाक्रम के बीच एक चिट्ठी सामने आई है जिसमें ऑक्सीजन की कमी होने की सूचना दी गई थी। सप्लाई करने वाली कंपनी पुष्पा सेल्स ने 1 अगस्त को मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को पत्र लिखकर बकाया ना देने की स्थिति में ऑक्सीजन सप्लाय बाधित करने की चेतावनी दी थी। वहीं सेंट्रल पाइप लाइन के कर्मचारियों ने भी चेताया था कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी है और कोई कदम नहीं उठाए गए तो मरीजों की जान को खतरा हो सकता है।

राजनीति गरमाई

उधर इस मामले को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद व अन्य नेता अस्पताल पहुचे। अस्पताल का दौरा करने के बाद उन्होंने बेहद दुखद घटना है। यह सब राज्य सरकार की लापरवाही की वजह से हुआ है। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर लिखा कि गोरखपुर में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत के लिए सरकार जिम्मेदार है। मामले में कठोर कार्रवाई हो। वहीं राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा है कि इस घटना के लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार है और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई हो।

इसका विरोध करने हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि है कि मामले में जांच के बाद कार्रवाई होगी। यह गंभीर मामला है लेकिन इस पर राजनीति ना किया जाए। बता दें कि बाबा राघव दास मेडिकल कालेज के बाल रोग व मेडिसिन के वार्डों में कंपनी द्वारा ऑक्सीजन सप्लाई रोक दिए जाने से 48 घंटे में 48 मरीजों की मौत हो गई। मरने वालों में बाल रोग वार्ड के 30 मासूमों के अलावा मेडिसिन के वार्ड नंबर 14 में भर्ती 18 मरीज भी हैं।

पांच सदस्यीय कमेटी करेगी जांच : डीएम

जिलाधिकारी राजीव रौतेला ने बताया कि अपर आयुक्त प्रशासन के नेतृत्व में एडीएम सिटी, एडी हेल्थ, सीएमओ और सिटी मजिस्ट्रेट की पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति के सदस्यों से लिक्विड आक्सीजन की कमी होने के कारणों और सिलेंडर आक्सीजन की उपलब्धता की जांच को कहा गया है। समिति से शनिवार दोपहर 12 बजे तक रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह सच है कि मेडिकल कालेज में लिक्विड आक्सीजन खत्म हो गया था लेकिन 175 सिलेंडर आक्सीजन की उपलब्धता थी। किसी की मौत आक्सीजन की कमी के कारण नहीं हुई है। कंपनी का 70 लाख रुपए बकाया था, आज 22 लाख रुपए उनके खाते में भेज दिया गया है। बाल रोग विभाग में रोजाना आठ-दस मौतें होती हैं। परसों तक लिक्विड आक्सीजन की आपूर्ति हो जाएगी। व्यवस्था की जाएगी कि आगे से ऐसा न हो।

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