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छत्तीसगढ़ पुलिस का UP पुलिस पर आरोप, एंकर की गिरफ्तारी की प्रक्रिया की बाधित

 लखनऊ। हिंदी समाचार चैनल जी न्यूज के एंकर को गिरफ्तार करने गाजियाबाद पहुंची छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले की पुलिस ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया को बाधित किया और एंकर को अपने साथ ले गई। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि छत्तीसगढ़ से रायपुर पुलिस का एक दल कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर ‘भ्रामक’ खबर प्रसारित करने के मामले में न्यूज़ चैनल के एंकर रोहित रंजन को गिरफ्तार करने के लिए आज सुबह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद पहुंचा।

रायपुर जिले की पुलिस ने एक बयान जारी कर यहां बताया, ”प्रार्थी देवेंद्र यादव की रिपोर्ट पर थाना सिविल लाइन रायपुर में तीन जुलाई को रोहित रंजन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। प्रकरण की विवेचना और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है, जो अभी गाजियाबाद में है।” बयान में कहा गया है, ”प्रकरण में रायपुर पुलिस ने विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन किया।

सक्षम अदलत से आरोपी के विरुद्ध जारी वारंट लेकर रायपुर पुलिस की टीम आज सुबह आरोपी के गाजियाबाद स्थित निवास पहुंची थी। आरोपी को हिरासत में लेकर गिरफ्तारी की प्रक्रिया चल रही थी। लेकिन स्थानीय पुलिस, छत्तीसगढ़ पुलिस के वारंट दिखाने के बावजूद आरोपी को अपने साथ ले गई और गिरफ्तारी की प्रक्रिया को बाधित किया।”

रायपुर जिले के पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की शिकायत पर रविवार को जी न्यूज के एंकर रंजन के खिलाफ विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था। अग्रवाल ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक दल का गठन किया गया था और आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए उसे गाजियाबाद भेजा गया था।

जिले के एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि भिलाई नगर क्षेत्र के कांग्रेस के विधायक देवेंद्र यादव ने सिविल लाइंस थाने में जी न्यूज चैनल के निदेशकों, अधिकारी तथा एंकर के खिलाफ शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद पुलिस ने जी ग्रुप के अध्यक्ष और निदेशक, जी न्यूज चैनल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्रसारित कार्यक्रम के निर्माता, कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले एंकर और अन्य के​ खिलाफ मामला दर्ज किया है।

जी न्यूज के एंकर रंजन ने आज सुबह अपने ट्विटर अकाउंट से एक पोस्ट किया था ”बिना स्थानीय पुलिस को जानकारी दिए, छत्तीसगढ़ की पुलिस मेरे घर के बाहर मुझे गिरफ्तार करने के लिए खड़ी है, क्या यह कानूनन सही है?” इसके जवाब में रायपुर पुलिस ने ट्वीट किया, ”सूचना देने के लिए ऐसा कोई नियम नहीं है। फिर भी, अब उन्हें सूचित किया गया है। पुलिस टीम ने आपको अदालत का गिरफ्तारी वारंट दिखाया है। आपको सहयोग करना चाहिए, जांच में शामिल होना चाहिए और अपना पक्ष अदालत में रखना चाहिए।’

 
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