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उत्तर मध्य रेलवे ने स्थापित किये नये कीर्तिमान

राहुल यादव, लखनऊ।कोविड -19 संकट के बावजूद, उत्तर मध्य रेलवे ने जुलाई 2020 में 97.02% की उच्चतम समयपालनता प्राप्त करके संरक्षित  और कुशल ट्रेन परिचालन में नया कीर्तिमान बनाया तथा  इस वर्ष अप्रैल से जुलाई तक 92.67% की समयपालनता प्राप्त किया है जो पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 की इसी अवधि की तुलना में 68%   बेहतर है।  उत्तर मध्य रेलवे में माल लदान को बढ़ाने के लिये किये गये महत्वपूर्ण प्रयासों के परिणाम स्वरूप जून और जुलाई 2020 में की गई  लोडिंग पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। उत्तर मध्य रेलवे ने जुलाई 2020 में 13.7 लाख टन माल लदान किया है जो कि पिछले वर्ष जुलाई 2019 के 13.6 लाख टन माल लदान की तुलना में 10000 टन अधिक है। इसके अतिरिक्त उत्तर मध्य रेलवे ने  जुलाई -2020 में मालगाड़ी के लिए 47 Kmph की अभी तक की उच्चतम औसत गति प्राप्त करने के साथ साथ  अप्रैल से जुलाई 2020 की अवधि में 43 किमी प्रति घंटे की औसत गति प्राप्त की है जो कि पिछले वर्ष  2019-20 की तुलना में 80% से अधिक है। उच्चतम परिचालन अनुशासन के साथ साथ , यह दुर्लभ उपलब्धि पटरियों, रोलिंग स्टॉक, ओएचई, सिग्नलिंग, लोकोमोटिव आदि जैसे परिसंपत्तियों के बेहतर रखरखाव के कारण प्राप्त की जा सकी है।

रोलिंग स्टॉक रखरखाव के क्षेत्र में , प्रयागराज मण्डल ने उत्कृष्ठ प्रदर्शन करते हुये जुलाई 2020 में 192 वैगनों के रूटीन ओवरहालिंग (ROH) किया , जो कि फरवरी 2020 में पिछले 183 वैगनों के उच्चतम स्तर से अधिक है। एक बड़ी उपलब्धि में, दिनांक 31.07.20 को भंडाई- इटावा रेल खंड में बाह और उदिमोर स्टेशनों के बीच विश्वसनीय और विफलता रहित  UFSBI आधारित ब्लॉक पैनल सिंगनलिंग सिस्टम को स्थापित करके उत्तर मध्य रेलवे ने आगरा मण्डल में सिग्नलिंग सिस्टम से नेल्स बॉल टोकन उपकरण का प्रयोग पूरी तरह से समाप्त हो गया।  आगरा मंडल के भांडई- इटावा खंड में कुल 04 ऐसे पैनल को लगाने  का लक्ष्य 31.10.20 तक था जिसे मेंटेनेंस इंजीनियरों के अथक प्रयासों के फलस्वरूप जुलाई में ही पूरा कर लिया गया। इस प्रमुख उपलब्धि से भंडाई-इटावा खंड में ट्रेनों के  टोकन रहित माध्यम से आगमन और प्रेषण से ट्रेन संचालन की संरक्षा और दक्षता में सुधार होग।

क्षमता वृद्धि कार्यों के अंतर्गत, झांसी  मण्डल ने दिनांक 30.07.20 को बिरलानगर – रायारू खंड में नवनिर्मित तीसरी लाइन लाइन के 09 किलोमीटर खंड में सफलतापूर्वक पहली बार इंजन रोलिंग किया।
 उत्तर मध्य रेलवे पर रेल पथ का उन्नत रखरखाव इस तथ्य से स्पष्ट है कि गाजियाबाद-पं. दीन दयाल उपाध्याय खंड पर 130 किमी प्रति घंटे की गति के सीआरएस की मंजूरी के बाद; कमिश्नर रेलवे सेफ्टी ने जुलाई 20 में ललितपुर- बीना खण्ड  के लिए 120 किलोमीटर प्रति घंटे की सेक्शनल स्पीड की मंजूरी दी है। इस प्रकार 759 किलोमीटर के गाज़ियाबाद – पं दीन दयाल उपाध्याय जं और 503 किलोमीटर पलवल- बीना खण्ड क्रमशः 130 किमी प्रति घंटे और 120 किमी प्रति घंटे की गति से संचालन के लिए प्रमाणित हो गये हैं। 
गौरतलब है कि उत्तर मध्य रेलवे में सभी जोनल रेलवे की तुलना में सेमी हाई स्पीड रेल नेटवर्क का सबसे अधिक हिस्सा है। उत्तर मध्य रेलवे 100 से अधिक ट्रेनों को  130 किमी प्रति घंटे की गति या अधिक पर चलाने का गौरव प्राप्त है, जिसमें 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से भारत की सबसे तेज ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस एवं भारत में किसी भी ट्रेन के लिए 104 किमी प्रति घंटे की उच्चतम औसत गति वाली पहली वंदे भारत एक्सप्रेस शामिल हैं।  

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