
सूर्योदय भारत समाचार सेवा, मुंबई / हैदराबाद : हैदराबाद में स्थापित यह सुविधा, अक्किनेनी नागार्जुन और शोभू यारलागड्डा के सहयोग तथा एनिमैट्रिक की तकनीकी भागीदारी के साथ, भारतीय फिल्मकारों को पहली बार विश्वस्तरीय परफॉर्मेंस कैप्चर तकनीक प्रदान कर रही है
भारतीय फिल्म निर्माण की दुनिया में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। देश के सबसे प्रतिष्ठित और अग्रणी मनोरंजन संस्थानों में से एक, अन्नपूर्णा स्टूडियो ने भारत की अब तक की सबसे उन्नत मोशन कैप्चर सुविधा शुरू की है। यह पहल भारतीय सिनेमा के रचनात्मक और तकनीकी विस्तार की दिशा में एक अहम् उपलब्धि मानी जा रही है। ‘ए एंड एम मो-कैप लैब’ नाम से स्थापित यह सुविधा अभिनेता अक्किनेनी नागार्जुन के अन्नपूर्णा स्टूडियो और दूरदर्शी निर्माता शोभू यारलागड्डा की मिहिरा विज़ुअल लैब्स की साझेदारी का परिणाम है।
25 फरवरी को मशहूर निर्देशक एस.एस. राजामौली ने इस सुविधा का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि उनकी आगामी फिल्म ‘वाराणसी’, जिसमें महेश बाबू और प्रियंका चोपड़ा जोनस मुख्य भूमिकाओं में हैं, के कुछ अहम् दृश्य इसी तकनीक से शूट किए गए हैं। साथ ही, उन्होंने इस मोशन कैप्चर लैब की पहली झलक साझा करते हुए कहा कि किस तरह यह तकनीक भारतीय सिनेमा की भव्यता और रचनात्मक महत्वाकांक्षाओं को नई दिशा दे रही है।
राजामौली, जिन्होंने इससे पहले अन्नपूर्णा स्टूडियो में भारत की पहली डॉल्बी सिनेमा प्रोसेसिंग सुविधा भी लॉन्च की थी, ने कहा कि यह नई मोशन कैप्चर सुविधा भारतीय फिल्मकारों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण का प्रतिनिधित्व करती है।
उन्होंने कहा, “भारत में हमेशा से ही दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तकनीशियन रहे हैं, जिन्होंने वैश्विक फिल्मों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, मगर हमारे अपने देश में ऐसी अत्याधुनिक सुविधा का अभाव रहा है। “
उन्होंने आगे कहा, “अब ए एंड एम की इस मोशन कैप्चर टेक्नोलॉजी से वह कमी पूरी हो गई है। इससे भारतीय फिल्मकार अपनी कहानियों को नए तरीके से सोच और रच सकेंगे, वह भी बिना विदेशी तकनीक पर निर्भर हुए। हमने ‘वाराणसी’ के अहम् सीक्वेंस की शूटिंग में इस सुविधा का इस्तेमाल किया और इसके नतीजे वाकई शानदार रहे।“
अभिनेता नागार्जुन अक्किनेनी ने इस मोशन कैप्चर सुविधा को भारतीय सिनेमा के सफर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
उनके अनुसार, “भारतीय फिल्मकार लंबे समय से वैश्विक स्तर की भव्य कहानियाँ प्रस्तुत करना चाहते थे, लेकिन उन्नत तकनीक तक पहुँच हमेशा चुनौती रही।
‘बाहुबली’ के निर्माता शोभू यारलागड्डा ने सहयोग को भारत में विश्वस्तरीय फिल्म निर्माण अवसंरचना तैयार करने की दीर्घकालिक दिशा में अहम् कदम बताया।
उनके मुताबिक, “यह सहयोग फिल्मकारों को अधिक प्रभावशाली और भावनात्मक रूप से समृद्ध कहानियाँ वैश्विक मानकों पर प्रस्तुत करने में सक्षम बनाएगा।”
अन्नपूर्णा स्टूडियो के सीटीओ सी.वी. राव ने इस सुविधा की तकनीकी विशेषज्ञता और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पर प्रकाश डाला।
इस अत्याधुनिक वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर निर्देशक और सिनेमैटोग्राफर कैमरा ब्लॉकिंग, लेंस चयन, कैमरा मूवमेंट और फ्रेम रेट जैसे पहलुओं का परीक्षण कर सकते हैं।
यह मोशन कैप्चर सुविधा ऐसे समय आई है, जब अन्नपूर्णा स्टूडियो ने भारतीय सिनेमा में अपने 50 साल पूरे किए हैं। आगे चलकर स्टूडियो का लक्ष्य भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय फिल्मकारों, गेम डेवलपर्स और एनीमेशन स्टूडियो के साथ मिलकर एशिया में विश्वस्तरीय गुणवत्ता और गति के साथ प्रोडक्शन सहयोग उपलब्ध कराना है।