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योगी आदित्यनाथ द्वारा जारी “श्वेत पत्र” पर अखिलेश का जबाबी प्रहार,बताया ‘सफेद झूठ की किताब’

लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार द्वारा जारी किये गए “श्वेत पत्र “पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री योगी को एक शेर के माध्यम से जबाब देने की शुरुआत की . अखिलेश ने कहा कि “जिंदगी भर हम गलतियां करते रहे ,चेहरे पर थी धूल ,पर आईना साफ करते रहे ” यही हाल यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का है ! जिस तरह से मुझे धार्मिक रीति रिवाज और गहराई में जाकर पूजा पाठ का अनुभव और ज्ञान नहीं है।

 

सरकार के श्वेत पत्र को बताया ‘सफेद झूठ की किताब’
उन्होंने कहा कि ‘व्हाइट पेपर यानि श्वेत पत्र जारी किया गया, लेकिन जब हमने उसके पन्ने पलटे तो मुझे लगा कि ये सफेद झूठ की किताब है। ये ‘व्हाइट लाई’ है। मुझे लग रहा है कि मुख्यमंत्री कामकाज से दूर रहते हैं। श्वते पत्र तो पहले एक महीने में लाना था, लेकिन क्या वजह है कि पूरे 6 महीने लग गए।’ उन्होंने मजाक के लहजे में कहा कि ‘सरकार के लिए मैं इतना ही कहूँगा की ग़ालिब ने कहा था उम्र भर हम ये गलती करते रहे चेहरे पर धूल थी और आईना साफ करते रहे।’ उन्होंने कहा कि ‘पूरे श्वेत पत्र में पहले पन्ने से आख़िरी पन्ने तक केवल मेरे बारे में ही जिक्र हुआ है।’

किसानों की कर्जमाफी पर बोले
किसानों की कर्जमाफी पर बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘किसानों की कर्ज़ माफ़ी के साथ कौन मज़ाक कर रहा है, ये सभी जानते हैं। असली धोखा और मज़ाक किसी ने किया तो भाजपा ने किया है। किसान ख़ुद कह रहा है कि मेरे साथ मज़ाक हुआ है। मैंने पैसा नहीं दिया सरकार ने दिया। ख़ुद सीएम देख लेते कि कितना पैसा दे रहे हैं। बात पूरे क़र्ज माफ़ी की थी, लेकिन सरकार ने धोखा दिया। रात-रात भर प्रजेंटेशन होता था। लेकिन दिन में सो जाते थे इसलिए सर्टिफ़िकेट में देख नहीं पाए। कहीं कोई कर्ज माफ नहीं हुआ है, योगी जी खुद किसानों का सर्टिफिकेट देख लेते।’

सरकार के विकास कार्यों पर बोले
अखिलेश यादव ने विकास कार्यों पर बोलते हुए कहा कि ‘मेट्रो इनका सपना था। ये दिन में सपने देखते थे कि बनारस, कानपुर और झांसी में मेट्रो बनेगा। बनाकर दिखा देना नहीं तो जनता माफ नहीं करेगी।’ उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस वे में जो सुविधा हो रही है हमने दिया था। ये अधिकारी जो हमारे वफादार बनते थे वो धीरे-धीरे वहां जाकर बता देते थे। रिवक फ्रंट की जांच हो रही है, लेकिन जांच के साथ आगे काम तो करते।’ उन्होंने कहा कि ‘वाराणसी और झांसी में मेट्रो चलने का इंतजार रहेगा।’

एक्सप्रेस-वे की खामियों को लेकर बोले
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सरकार का दावा है कि गन्ना किसान का भुगतान हुआ है, जबकि गन्ना मंत्री के क्षेत्र में ही भुगतान नहीं हुआ। देश में कहीं पर भी पैसे में किसानों का कर्ज माफ नहीं किया गया होगा, लेकिन इस सरकार ने वो भी कर दिया।’ उन्होंने कहा कि ‘एक्सप्रेस-वे को लेकर कहा जा रहा है कि कई काम नहीं हुआ। 6 महीने में आपने सारे काम रोक दिए। वर्ना काम पूरा हो चुका होता। एक्सप्रेस-वे पर हर रोज 10,000 गाड़ियां चल रही हैं।’

‘इस सरकार में शिक्षामित्रों को किया गया अपमानित’
पूर्व मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों पर बोलते हुए कहा कि ‘शिक्षा मित्र इससे पहले कभी अपमानित नही हुए होंगे जितना इस सरकार में हुए हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि ‘108 के संविदाकर्मियों को उनका हक मिलना चाहिए। हमने तो 18 लाख लैपटॉप बांटे हैं। हमने 18 लाख लैपटॉप बाटे है। आप बच्चो से लेकर पूछो कि क्या हमने जाति के आधार पर लैपटॉप बांटे। बीजेपी के लोग सिर्फ आरोप लगा सकते हैं। बीजेपी के लोग दूसरे लोगों का सपना अपनी आंख में देखते हैं।’

बिजली देने के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश
उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘ये मुख्यमंत्री जी अपने ही जिले के अस्पताल का काम नहीं कर पा रहे हैं। आख़िर कौन सी कलम आपको रोक रही है। गांव में बिजली जा रही है कि नहीं ,ये तो आपने बताया ही नहीं। लखनऊ में ही बिजली कई बार आती और जाती है। इस सरकार में कितना कोटा बढ़ा बिजली का ये भी बताइये। इस सरकार में ओवर लोडिंग खूब हो रही है।’ उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ‘ये बहुत धार्मिक हैं। ये बताइये कि भगवान श्री कृष्ण के लिए इस सरकार ने ज्यादा काम किया है कि पिछली सरकार ने।’

पुरस्कार देने में हुई धांधली पर बोले सपा सुप्रीमो
योगी सरकार द्वारा बार-बार ये आरोप लगाया जाना कि अवॉर्ड देने में सपा सरकार ने धांधली की है, का भी सपा सुप्रीमो ने जवाब दिया। अखिलेश यादव ने कहा कि रानी लक्ष्‍मी बाई पुरस्‍कार सपा लेकर आई थी, इसमें कहीं से भी कोई धांधली नहीं हुई है। पूर्व मुख्‍यमंत्री ने कहा कि योगी सरकार को चाहिए कि सभी अवॉर्डियों से उनके पुरस्‍कार वापस ले लें और फिर जांच करा लें। जांच के बाद अवॉर्ड वापस कर दें।

‘सरकार ने गरीबों को ठगने का काम किया’
योगी सरकार की ओर से पिछले छह माह में गरीबों को लेकर किये गये कार्यों के दावों पर भी अखिलेश यादव ने अपनी रखी। उन्‍होंने कहा कि सरकार ने किसानों-गरीबों को ठगने का काम किया है। अखिलेश यादव के अनुसार ये हर सरकार का दायित्‍व होता है कि वह गरीबों के हक में काम करे। अखिलेश ने मोदी सरकार को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि हमने उनसे दो-दो एयरपोर्ट मांगे थे लेकिन हमें नहीं दिया गया। यही नहीं मेट्रो ट्रेन को लेकर भी केंद्र सरकार की ओर से जानबूझकर देरी की गई।

प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी साधा निशाना
अखिलेश ने बीजेपी सरकार पर चुटकी भी ली। कहा कि हमारे एमएलसी ले लिये और हमको धन्‍यवाद भी नहीं दिया। अखिलेश ने कहा प्रदेश के विकास के लिए कोई भी योजना रही हो हमने कभी उसमें कोई कटौती नहीं की। पूर्व मुख्‍यमंत्री ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार कल जिस समय कानून व्‍यवस्‍था को लेकर अपनी पीठ थपथपा रही थी ठीक उसी समय अजगैन में एक सुनार की लूट के बाद हत्या हो रही थी। उन्‍होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस का मनोबल गिर रहा है। शिक्षा मित्रों पर लाठियां चलाई जा रही हैं।

अखिलेश ने मंत्री श्रीकांत शर्मा को दिया जवाब
योगी के मंत्री श्रीकांत शर्मा के बयान के बाद जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि ‘मुलायम सिंह यादव मेरे पिता हैं। हां राजनीतिक मामलों में बयान थोड़ा इधर-उधर हो जाता है। पिता के नाम से ही पुत्र जाना जाता है। अगर श्रीकांत शर्मा किसी और के नाम से जाने जाते हैं तो सर्टिफ़िकेट जारी कर दें। उपमुख्यमंत्री जी की नेम प्लेट शास्त्री भवन से क्यों हटानी पड़ी, ये भी श्वेत पत्र में होना चाहिए था। दाल में नमक कितनी होनी चाहिये ये भी श्वेत पत्र में होना चाहिए था। ये दो इंजन वाली सरकार है।’

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